Thursday, March 26, 2026

विधाता छंद- सदा व्यवहार ही हमको दिखाता आईना ऐसा

विधाता छंद

सदा व्यवहार ही हमको, दिखाता आइना ऐसा। 
इसी से ही हमें मिलती, सफलता प्रशंसा पैसा।।

दुखी करते सुखी जन को,  बिखरता आग मन ढँपकर। 
शिखर का सूर्य भी डूबे, दहककर दर्प से खपकर।। 
करें व्यवहार हम जैसा, मिलेगा हमको भी वैसा। 

सदा व्यवहार ही हमको, दिखाता आइना ऐसा... 
इसी से ही हमें मिलती, सफलता प्रशंसा पैसा... 

जरा सा पा गया जो भी, तनिक आकाश छूलोगे ? 
तुम्हारी हैसियत क्या है, शिखर पे बैठ भूलोगे !! 
कभी गिरकर उठोगे क्या ? न सोचा हो गया वैसा... 

सदा व्यवहार ही हमको, दिखाता आइना ऐसा... 
इसी से ही हमें मिलती, सफलता प्रशंसा पैसा.. 

खुशी तुमको मिलेगी ही, चहक कर बात कर लोगे। 
किसी से प्रेम से बोलो, जगत में राज कर लोगे।। 
नहीं शैतान सा झूमो, रहो इंसान केे जैसा... 

सदा व्यवहार ही हमको, दिखाता आइना ऐसा... 
इसी से ही हमें मिलती, सफलता प्रशंसा पैसा... 
डॉ.अशोक आकाश
बालोद छत्तीसगढ़
9755889199
दिनॉंक 8/11/2025 दिन शनिवार

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