बाल वृद्ध युवजन, भावे नवरात है।
दुर्गा अवतार धरे, भगत उद्धार करे,
जगत कल्याण नव रूप सिरजात है।।
चन्द्र दोष हरन को, सुख शॉंति करन को,
सर्व भ्रांति टारन को, भक्त गुण गात है।
अशोक आकाश कहे, जो भी त्रय ताप सहे,
मातु पूजो शैल सम, दुख टर जात है।।
सृजन दिवस
23 सितंबर 2025
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