साधक बाधा मिटाने, आई झकझोर के।
चक्र गदा धनु शंख, धारी पूजे राजा रंक,
फूल धूप दीप संग, नारियल फोड़ के ।।
उलट पुलट करे, दुष्ट जो गलत करे,
विनाश संकट करे, पल में निहोर के।
अशोक आकाश लिखे, चरणों में जो भी झुके,
मैया जी को देख मिटे, पीरा पोर पोर के।।
सृजन दिनॉंक
18/12/2025
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