Thursday, March 26, 2026

मनहरण घनाक्षरी - पंचम स्कंध माता

पंचम दिवस माईं, द्वार स्कंध माता आई, 
कमल सिंहासन मे, देवी जी विराज के। 
भवानी मैया जी लक्ष, असुर संहार दक्ष, 
विषधर नाग भक्ष, धारे रूप बाज के।। 
ममता मूरत भूप, करुणा वात्सल्य रूप, 
पूजे वो न गिरे कूप, सूनो पूत आज के।
सर्व दुख निवारिणी, स्नेह रूप धारिणी हे, 
अशोक आकाश मातु, धारे धर्म साज के।।
सृजन दिनॉंक
29/9/2025 

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