Thursday, March 26, 2026

घनाक्षरी- तृतीय चन्द्रघण्टा

तृतीय दिवस मात, चन्द्रघण्टा रौद्रगात, 
असुर संहार करे, बहे वीर धार है। 
शक्ति समृद्धि प्रतीक, सिंह में विराजे निक, 
महिषासुर वध कर, हरे भुईं भार है।। 
कमल का फूल चढ़े, चामुण्डाय विच्चे पढ़े, 
नवारण मंत्र शक्ति, अपरम्पार है। 
अशोक आकाश कहे, तप बल संयम से, 
मातु का आह्वान करो, हुआ बेड़ा पार है।। 

सृजन दिनॉंक 
23 सितंबर 2025

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