जगदम्बा महागौरी, पग छाप छोड़ती।
श्वेताम्बरी वृषारूढ़ी, चतुर्भूजी ज्ञान गूढ़ी,
महादेवी चन्द्रचूढ़ी, ललन बगोड़ती।।
राहू ग्रह शासक मॉं, दीनों के उपासक मॉं,
कन्या रूप तारक मॉं, भगत निहोरती।
अशोक आकाश दास, बैठे चरणों के पास,
महाप्रलयंकारी मॉं, दुख धारा मोड़ती।।
सृजन दिनॉंक
23/11/2025
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