Friday, March 20, 2026

तेल अउ तेली के महिमा

         तेल अउ तेली के महिमा 

तेली के महिमा बड़े, तेली तेल उपजाय। 
तेल के खोज करैया भैया, तेलिच मन तो आय।। 

साहू साहू सब कहे, तेली कहे न कोय। 
जे कोई तेली कहे, वंश उजागर होय।। 


जे तेल ला तरिया में भर, हाथी बूड़ नहवाय। 
ऐसन कर्मा माता ला, राजा नरवर शीश झुकाय।। 

तेल के महिमा भारी भैया, तेली के महिमा भारी गा। 
तेल पेरई बैपार करई में, तेली के हवे चिन्हारी गा।। 

अरसी तेल हा गरमी लाथे, तिली के तेल हा ठंडा जी। 
अंडी तेल हा गैस भगाथे, तेली के पेरे के धंधा जी।। 
लीम तेल हा कीरा मारे, खरी में होय ओन्हारी गा... 
       तेल के महिमा भारी भैया, तेली के महिमा भारी गा... 

सरसों तेल हा पीरा भगाथे, फल्ली तेल के राजा जी। 
तेल पेरई बर सबो जात में, तेली के बाजे हे बाजा जी।। 
तेल के खोज करैया मन के, छुटही कोन उधारी गा... 
           तेल के महिमा भारी भैया, तेली के महिमा भारी गा... 

नरियर तेल हा चुंदी मुड़ी बर, होथे बड़ गुनकारी जी। 
टोर्री करन कुसुम कपसा, सब तेल के महिमा भारी जी।। 
राजा भोज तक गंगू तेली ले तेल ला ले हे उधारी गा... 
           तेल के महिमा भारी भैया, तेली के महिमा भारी गा... 

कहे अशोक आकाश तेली अउ तेल के ओतका महिमा हे। 
जतका सबो जात के अपन, करम अउ गौरव गरिमा हे।। 
सबे जात में पुरुष संग कंधा, मिलाके रेंगे हे नारी गा... 
               तेल के महिमा भारी भैया, तेली के महिमा गा... 
रचयिता 
डॉ.अशोक आकाश
1मार्च 2015
9755889199

No comments:

Post a Comment