Thursday, November 20, 2025

महा गणेश आरती (पंचचामर छंद)

महागणेश आरती (पंचचामर छंद)

सुवेदिका सुगंधिता निवेदिता पुकारती।
सुपंच चाम्रछंद त्वं महागणेश आरती।।

गणाधिराज त्वं नमं नमामि पार्वती सुतं।
शिवं प्रभातके नमं नमामि त्वं विनायकं।।
दिवाकरं द्विभास्करं  विनायके सुधावरं।
सुसंसकार वार दे पुरंदरा गदाधरं।।

हरीतिमा वसुंधरा स्वतंत्र धार भारती।
सुपंच चाम्रछंद त्वं महागणेश आरती।। १।।

प्रियंवदा तरंगिणी अनंग जीत द्वंद से।
सशक्त धारणा मिली सुपंच चाम्रछंद से।।
सुधन्यताश्व शीघ्र ही प्रपंच नाश हो सदा।
शिवात्म रूप सार त्वं सुधार धार सर्वदा।।

त्व मातृ जन्मदात्रि अग्निहोम दुःख निवारती।
सुपंच चाम्रछंद त्वं महागणेश आरती।। २।।

डॉ.अशोक आकाश
ग्रम  कोहंगाटोला, 

बालोद छत्तीसगढ़
9755889199

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