सत्य ही शुभ साधना है
(गीतिका छंद)
सत्य ही शुभ साधना है, सत्य धन बिन सार क्या?
सत्य सूरज सम अटल है, सत्य बिन संसार क्या?
सत्य ही निज धर्म कर लो, सत्यता से प्यार कर।
सत्य-पथ दण्डित हुए, यह धृष्टता हर बार कर।।
सत्य सद् मारग दिखाता, सत्य सम अंगार क्या❓
सत्य सूरज सम अटल है, सत्य बिन संसार क्या❓
झूठ दमके चार दिन फिर, हाय लगती जिंदगी!
सत्य के मारग छिटकता, झूठ ऐसी गन्दगी।।
झूठ कालिख सूर्य ढँक दे, झूठ सम मनुहार क्या❓
सत्य सूरज सम अटल है, सत्य बिन संसार क्या❓
सत्य पलकों पे बिठाओ, हो भले कॉंटों सफर।
सत्य के पथ जीत ही है, सत्य बिन इंसान सिफर।।
सत्य पथ नित सब निखरते, सत्य के पथ हार क्या❓
सत्य सूरज सम अटल है, सत्य बिन संसार क्या❓
डॉ अशोक आकाश
बालोद छत्तीसगढ़
9755889199
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