छत्तीसगढ़ी कहानी.......
"रज्जू"
मैनखे अपन उमर के अलग अलग पड़ाव में उतार चढ़ाव भरे जिनकी जीथे | सुख दुख रात दिन बारिश जाड़ घाम सबले गुजरे ला पड़थे | हर प्राणी अपन जीवन में सुख पाथे त कभू दुख के खाई में तक गिर पड़थे , फेर जे सम्हल के रेंगथे ओकर सबे सपना पूरा होथे |
बात वो बेरा के हरे जब मेहा आठवी कक्षा में पढ़त रेहेंव, मोर संग हमर गॉव के एक झन होनहार नोनी "रज्जू"तक पढ़त रीहिस | कक्षा में सबले हुशियार, अपन सब भाई बहिनी में सबले बड़े, साफ उज्जर कपड़ा पहिने ,तेल लगे गुंथाय दु बेनी,सुंदर काजर पावडर लगाय, रोज बेरा में स्कूल जाय के ओकर दिनचर्या रीहिसे | पारा भर में सबके दुलौरिन सबके बात मनैया | प्रार्थना कराय बर गुरूजी मन हा रज्जु ला बलवाय तब ओकर प्रार्थना करई अउ देशभक्ति के जयकारा करई सबके मन ला भा जाय |
15 अगस्त अउ 26 जनवरी के राष्ट्रीय तिहार के रैली में रज्जू लाईन में सबले आगू राहय | महात्मा गांधी, सुभाषचन्द्र बोस,पं.जवाहर लाल नेहरू, अउ हमर भारत माता के जयकारा करत आगू बढ़न तब गॉव भर के मैनखे मन गली के तीर तीर में, चॉवरा में , मुहॉटी में , खड़े हो होके हमर रैली ला सम्मान देय अउ हमर भारत माता के गुनगान ला सुनय |
हर साल राखी तिहार बर गुरूजी मन हा लइका मन ला लाइन में बैठारके राखी बंधवाय तब रज्जू हा मोला राखी बॉधे, भाई बहिनी के मया छलक अउ झलक जाय | एक दूसरा ला चवन्नी चाकलेट खवाके मुसकात मया बॉटन | एको दिन में कहूं स्कूल नई जॉव तब रज्जू हमर घर आ जाय अउ पूछे आज स्कूल काबर नइ आएस भाई, अउ स्कूल में पढ़ाए सबे विषय के पाठ ला मुंहअंखरा बताके समझा देय |
रज्जू के बाबू ननपन में गुजर गे रीहिसे, ओकर महतारी निर्मला हा बनी भूती करके पढ़ात रीहिसे | परिवार के हालत अउ अपन भविष्य के प्रति सचेत रज्जु पूरा निष्ठा अउ ईमानदारी के साथ पढाई के संगे संग घर के काम बुता में अपने मॉ के हाथ बंटाय |
स्कूल के कोनो कार्यक्रम होय रज्जू के भाषण गीत कविता बिना अधूरा लागे,सब गुरूजी अउ लइका मन के चहेती रज्जू पढ़ई सॉस्कृतिक कार्यक्रम के संगे संग खेलकूद में तक पारंगत रीहिसे कबड्डी, रेले-रेस, खो-खो,दौड़ ये सबे खेल में दौड़ में रज्जु हमेशा अव्वल आय | आठवीं कक्षा में केन्द्र स्तरीय खेल प्रतियोगिता में दौड़ में पहला स्थान बनाके स्कूल अउ गॉव के नॉव रोशन करे रीहिसे , संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तक दौड़ में पहला आय के बाद प्रॉत स्तरीय खेल प्रतियोगिता बर गुरूजी मन अपने खर्चा में भेजिन, जिहॉ रज्जु फेर पहला आइस तब विधायक द्वारा रज्जु के सम्मान समारोह के आयोजन करे गीस | ये सम्मान समारोह के आयोजन में विधायक हा रज्जु ला पढ़ाय बर गोद लेय के घोषणा करिस अउ एकर खेल प्रतिभा ला निखारे बर प्रशिक्षक के भी व्यवस्था कर दिस |
शेष.... भाग 2 पर
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