हर्षित आज तिरंगा (सार छंद)
अनगिन वीरों की बलिदानी, गर्वित उड़े विहंगा।
लाल किला प्राचीर फहरता, हर्षित आज तिरंगा।।
बेड़ी टूटी अंग्रेजों की, मिली हमें आजादी।
भारत मॉं जयकारा गूँजे, पावन हरितिम वादी।।
सदा शहीदी पदचिन्हों पर, जूझे लड़े पतंगा...
लाल किला प्राचीर फहरता, हर्षित आज तिरंगा...
जन गण मन शुचि गान जगाते, राष्ट्र चेतना आँधी।
घर-घर का हर बच्चा-बच्चा, निकले सुभाष गॉंधी।।
वंदे मातरम् गान मिटा दे, देश का हर एक दंगा...
लाल किला प्राचीर फहरता, हर्षित आज तिरंगा...
जाति धर्म के भेद मिटाकर, रहना सीखो भाई।
अंध-प्रथा अरु ऊँच-नीच की, पाटो गहरी खाई।।
जब तक खारा सागर खल-बल, कल-कल यमुना गंगा...
लाल किला प्राचीर फहरता, हर्षित आज तिरंगा...
अशोक आकाश बालोद
9755889199
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